प्रेमचंद की 'बड़े भाई साहब' - पाठ का सारांश, पात्र परिचय एवं प्रश्नोत्तर (NCERT Class 10 Hindi)

मुंशी प्रेमचंद 05 Aug, 2026 2 बार पढ़ा गया

पाठ का उद्देश्य (NCERT Class 10 Hindi - Sparsh Part 2):

मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित यह कहानी बाल-मनोविज्ञान, पढ़ाई के दबाव और बड़े भाई के अपने छोटे भाई के प्रति स्नेह एवं उत्तरदायित्व के अहसास को दर्शाती है। यह कहानी बताती है कि केवल किताबें रटने से अनुभव और समझदारी नहीं आती।

1. कहानी का सारांश (Summary)

'बड़े भाई साहब' कहानी में दो भाइयों की कथा है, जो घर से दूर हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते हैं। बड़ा भाई छोटे भाई से केवल पाँच साल बड़ा है, लेकिन वह तीन दर्जे (कक्षा) आगे है। बड़ा भाई दिन-रात किताबों में डूबा रहता है और पढ़ाई को बहुत गंभीरता से लेता है। वह छोटे भाई को अनुशासन में रखने और सही राह दिखाने के लिए हमेशा उपदेश देता रहता है।

छोटा भाई (लेखक) पढ़ाई में कम और खेलकूद, पतंगबाज़ी और दोस्तों के साथ घूमने में ज़्यादा रुचि रखता है। बड़ा भाई जब भी छोटे भाई को खेलते देखता, तो उसे पढ़ाई में मन लगाने की लंबी सीख देता था।

वार्षिक परीक्षा आने पर बड़ा भाई दिन-रात मेहनत करने के बावजूद भी फेल हो जाता है, जबकि छोटा भाई कम मेहनत करके भी अपनी कक्षा में प्रथम आता है। इसके बाद बड़े भाई का रोब थोड़ा कम हो जाता है, लेकिन अगली परीक्षा में फिर से वही परिणाम आता है—बड़ा भाई फेल हो जाता है और छोटा भाई पुनः प्रथम आता है।

अब दोनों भाइयों के बीच केवल एक दर्जे का अंतर रह जाता है। छोटे भाई के मन में थोड़ा अहंकार आ जाता है। एक दिन जब छोटा भाई पतंग लूटने के लिए बेतहाशा भाग रहा होता है, तो बड़े भाई साहब उसे पकड़ लेते हैं। वे उसे समझाते हैं कि कक्षा में आगे निकल जाने का मतलब यह नहीं कि वे उससे बड़े नहीं रहे। जीवन का अनुभव किताबों के ज्ञान से बड़ा होता है। बड़े भाई की इस निष्कपट बातें सुनकर छोटे भाई की आँखें खुल जाती हैं और उसके मन में बड़े भाई के प्रति सम्मान और गहरा हो जाता है।

2. मुख्य पात्र परिचय (Character Sketches)

  • बड़े भाई साहब: वे अध्ययनशील, गंभीर, अपने छोटे भाई का भला चाहने वाले और जिम्मेदार व्यक्तित्व के स्वामी हैं। वे अपनी इच्छाओं को मारकर भी अपने छोटे भाई के सामने एक आदर्श उदाहरण पेश करना चाहते हैं।

  • छोटा भाई (लेखक): वह खेलने-कूदने का शौकीन, चंचल लेकिन कुशाग्र बुद्धि वाला बालक है। वह कम समय में पढ़कर भी परीक्षा में प्रथम आ जाता है, लेकिन अपने बड़े भाई का आदर करता है।

3. मुख्य शिक्षा एवं नैतिक संदेश (Moral & Key Message)

  1. किताबी ज्ञान बनाम व्यावहारिक अनुभव: केवल परीक्षा पास करना या कक्षा में प्रथम आना ही बुद्धिमत्ता नहीं है। असली समझदारी जीवन के अनुभवों से आती है।

  2. कर्तव्य और उत्तरदायित्व: बड़े भाई-बहनों का फर्ज होता है कि वे अपने छोटों के लिए सही मार्गदर्शक बनें, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी खुशियों का त्याग करना पड़े।

4. परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (NCERT Board Questions)

प्रश्न 1: बड़े भाई साहब छोटे भाई को क्या सलाह देते थे और क्यों?

उत्तर: बड़े भाई साहब छोटे भाई को खेलकूद छोड़कर पढ़ाई में मन लगाने, समय नष्ट न करने और कड़ी मेहनत करने की सलाह देते थे। वे ऐसा इसलिए करते थे क्योंकि वे बड़े भाई होने के नाते अपने छोटे भाई को राह से भटकने नहीं देना चाहते थे और अपना कर्तव्य निभा रहे थे।

प्रश्न 2: छोटे भाई ने अपनी पढ़ाई का टाइम-टेबल बनाते समय क्या सोचा और उसका पालन क्यों नहीं हो पाया?

उत्तर: बड़े भाई की डांट सुनने के बाद छोटे भाई ने पढ़ाई का एक कड़ा टाइम-टेबल बनाया, जिसमें सुबह से रात तक हर विषय का समय तय था। लेकिन उसमें खेलकूद के लिए कोई समय नहीं था। मैदान की हरियाली, हवा और खेलकूद का आकर्षण उसे बाहर खींच ले जाता था, इसलिए वह टाइम-टेबल का पालन नहीं कर पाता था।