प्रेमचंद की 'दो बैलों की कथा' - पाठ का सारांश, मुख्य पात्र एवं प्रश्नोत्तर (NCERT Class 9 Hindi)

मुंशी प्रेमचंद 05 Aug, 2026 12 बार पढ़ा गया

पाठ का उद्देश्य (NCERT Class 9 Hindi - Kshitij Part 1):

मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित कहानी 'दो बैलों की कथा' न केवल पशुओं और मनुष्यों के आत्मीय संबंधों को दर्शाती है, बल्कि स्वतंत्रता का महत्व और उसके लिए किए जाने वाले संघर्ष की प्रेरणा भी देती है।

1. कहानी का सारांश (Summary)

'दो बैलों की कथा' दो बैलों—हीरा और मोती के गहरे प्रेम, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के प्रति उनके संघर्ष की कहानी है। उनके मालिक का नाम झूरी था, जो अपने बैलों से पुत्रवत स्नेह करता था।

एक बार झूरी अपनी पत्नी के भाई 'गया' को अपने दोनों बैल काम के लिए दे देता है। गया बैलों के साथ बुरा व्यवहार करता है, उन्हें भरपेट खाना नहीं देता और उनसे कठिन परिश्रम करवाता है। हीरा और मोती अपनी स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा के लिए रात में रस्सियाँ तोड़कर वापस झूरी के घर भाग आते हैं।

लेकिन गया उन्हें दोबारा जबरदस्ती ले जाता है। इस बार दोनों बैल मटर के खेत में पकड़े जाते हैं और उन्हें कांजीहौस (पशुओं का बंदीगृह) में बंद कर दिया जाता है। कांजीहौस की दीवार तोड़कर हीरा और मोती अन्य असहाय जानवरों को आजाद कराते हैं।

अंत में, दोनों बैलों को एक कसाई को बेच दिया जाता है। कसाई जब उन्हें ले जा रहा होता है, तो रास्ते में अपना जाना-पहचाना मार्ग देखकर हीरा-मोती पूरी ताकत लगाकर भाग खड़े होते हैं और सीधे अपने पुराने मालिक झूरी के चरन (थान) पर पहुँच जाते हैं। झूरी अपने बैलों को वापस पाकर भावुक हो जाता है।

2. मुख्य पात्र परिचय (Character Sketches)

  • हीरा: शांत, सहनशील, गंभीर और अहिंसाप्रिय स्वभाव का बैल। वह संकट के समय धैर्य से काम लेता है।

  • मोती: गुस्सैल, निडर, विद्रोही और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाला बैल। वह अन्याय को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करता।

  • झूरी: एक स्नेही और दयालु किसान, जो अपने पशुओं को केवल काम का माध्यम न मानकर परिवार का सदस्य मानता है।

  • गया: एक शोषक और निर्दयी व्यक्ति, जो पशुओं की भावनाओं को न समझकर केवल उन पर अत्याचार करता है।

3. मुख्य शिक्षा एवं नैतिक संदेश (Moral & Key Message)

  1. स्वतंत्रता का मूल्य: स्वतंत्रता आसानी से नहीं मिलती; इसके लिए बार-बार संघर्ष और त्याग करना पड़ता है।

  2. पशु-प्रेम: पशु भी प्यार और सम्मान की भाषा समझते हैं। यदि उन्हें स्नेह दिया जाए, तो वे अपनी जान भी न्योछावर कर सकते हैं।

  3. सच्ची मित्रता: विपत्ति के समय एक-दूसरे का साथ न छोड़ना ही सच्ची दोस्ती की पहचान है।

4. परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (NCERT Board Questions)

प्रश्न 1: कांजीहौस में कैद पशुओं की हाजिरी क्यों ली जाती होगी?

उत्तर: कांजीहौस एक तरह से आवारा या लावारिस पशुओं की जेल थी। वहाँ पशुओं की हाजिरी निम्नलिखित कारणों से ली जाती होगी: 
  • पशुओं की सटीक संख्या का पता रखने के लिए।
  • कोई पशु वहाँ से भाग या मर न गया हो, यह जांचने के लिए।
  • पशुओं की सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने के लिए।

प्रश्न 2: हीरा और मोती ने शोषण के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन उसका परिणाम उन्हें भुगतना पड़ा। फिर भी वे क्यों सफल रहे?

उत्तर: हीरा-मोती ने अत्याचार के सामने घुटने नहीं टेके। उन्होंने अपनी आजादी के लिए संघर्ष किया, कांजीहौस के अन्य बेजुबान जानवरों को आजाद कराया और अंततः अपने मालिक के घर सुरक्षित वापस पहुँच गए। उनकी यही अटूट एकता और साहस उन्हें सफल बनाता है।

प्रश्न 3: कहानी में बैलों के माध्यम से कौन-कौन से नीति-विषयक मूल्य उभरकर आए हैं?
उत्तर: इस कहानी के माध्यम से निम्नलिखित मुख्य नैतिक मूल्य सामने आते हैं: 
  • सच्ची मित्रता: हीरा और मोती मुसीबत में कभी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ते। 
  • स्वतंत्रता का महत्व: आजादी के लिए निरंतर संघर्ष करना पड़ता है, वह आसानी से नहीं मिलती। 
  • नारी जाति का सम्मान: मोती जब गया की पत्नी को मारने की बात करता है, तो हीरा उसे टोकते हुए कहता है कि "औरत जात पर सींग चलाना मना है"।
  • परोपकार और एकता: कांजीहौस में खुद बंधे होने के बावजूद वे दीवार तोड़कर अन्य बेजुबान जानवरों को आजाद कराते हैं। 
प्रश्न 4: प्रस्तुत कहानी में प्रेमचंद ने गधे की किन स्वभावगत विशेषताओं के आधार पर उसके प्रति रूढ़ अर्थ 'मूर्ख' का प्रयोग न कर किस नए अर्थ की ओर संकेत किया है?
उत्तर: आमतौर पर गधे को उसके सीधेपन के कारण 'मूर्ख' समझा जाता है। लेकिन प्रेमचंद ने उसकी सहनशीलता, सीधेपन, सुख-दुख में एक समान रहने और क्रोध न करने जैसे गुणों की तुलना ऋषि-मुनियों से की है। लेखक के अनुसार, अत्यधिक सीधापन संसार के लिए उपयुक्त नहीं है, इसलिए गधे का सीधापन मूर्खता नहीं बल्कि संतोष और पराकाष्ठा का प्रतीक है।
प्रश्न 5: किन घटनाओं से पता चलता है कि हीरा और मोती में गहरी दोस्ती थी?
उत्तर: हीरा और मोती की अटूट दोस्ती इन घटनाओं से सिद्ध होती है: 
  • हल या गाड़ी में जोते जाने पर दोनों की कोशिश रहती थी कि ज्यादा बोझ खुद के कंधे पर आए। 
  • नाँद में खली-चोकर खाने के बाद दोनों एक साथ ही मुँह उठाते और एक साथ ही बैठते थे। 
  • सांड से मुकाबला करते समय दोनों ने मिलकर योजना बनाई और उसे हरा दिया। 
  • कांजीहौस में जब हीरा बंधा हुआ था, तो मोती भागने का मौका होने पर भी हीरा का साथ देने के लिए वहीं रुक गया। 
प्रश्न 6: 'किसान जीवन वाले समाज में पशु और मनुष्य के आपसी संबंधों को कहानी में किस तरह व्यक्त किया गया है?'
उत्तर: मुंशी प्रेमचंद ने दिखाया है कि किसान और उसके पशुओं के बीच केवल काम का नहीं बल्कि भावनात्मक संबंध होता है। झूरी अपने बैलों को बच्चों की तरह प्यार करता था, उन्हें सहलाता था और उनके स्वाभिमान का ध्यान रखता था। बैल भी अपने मालिक के इस स्नेह के बदले जान देने को तैयार रहते थे और हर मुसीबत पार कर वापस झूरी के पास ही लौट आए।